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Friday, 22 November 2013

कैसा ये इश्‍क हैं अजब सा रिस्‍क हैा

मैनें किसी को दिल देके करली रातें खराब देखों
आया नही अभी तक उधर से कोई जबाब देखों
वो न कहेगी तो खुदकुशी भी कर जाउगा में यारों
वो हॉ कहेगी तो भी खुशी से मर जाउगा में यारों

फिल्‍म कर्ज में रिषी कपूर पर फिल्‍मायें गये इस गानें के बोल सुना तो महसूस हुआ जो भी लिखा है जिसनें भी लिखा है। सही तो लिखा है। ये  इश्‍क रोग ही ऐसा है इसमें बचनें के कोई चांस नही हैं।इस लिये इस से जितना बच सको बच लों। लेकिन अगर आप ने किसी से प्‍यारकर ही लिया है तो जाकर उसे बता दो नही तो फिर बाद में यही गाना गाओगे

मेरी किस्‍मत में तू नही शायद जो तेरा इन्‍तजार करता हॅू
मैं तुझे कल भी प्‍यार करता था मैं तुझ अब भी प्‍यार करता हॅू


बस आपको आगाह कर रहा था बडी ही खतरनाक बीमारी है। यह सावधानी और संयम बरतें आगे आपकी मर्जी

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